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रीट लेवल 2 के लिए अब केवल 4 वर्षीय इंटीग्रेटेड b.ed  कोर्स ही मान्य होगा

            जैसा की आप सभी जानते है की रीट लेवल 2 के लिए अब तक 2 वर्षीय बी.एड. की डिग्री आवश्यक है राजस्थान में करीब 15 लाख बेरोजगार युवा के पास यह डिग्ररी है लेकिन भविष्य में केवल इसी डिग्री के आधार पर आप अध्यापक नहीं बन पायेंगे | 

रीट लेवल 2 के लिए अब केवल 4 वर्षीय इंटीग्रेटेड b.ed

2030 तक  बहु-विषयक एचईआई द्वारा प्रस्तावित ( एनईपी 2020 पैरा 15.5 ) के अनुसार 4 वर्षीय एकीकृत बी.एड. स्कूल शिक्षकों के लिए न्यूनतम डिग्री योग्यता बन जाएगी। सरकार ने यह फैसला NEP 2020 की निति के तहत लिया है राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद इस हेतु  2023-24 से  57 शिक्षण संस्थान में एकीकृत शिक्षक शिक्षा कार्यक्रम शुरू करने जा रही है 2027  तक इसे पूर्ण रुप से लागू करना है और इसलिए राजस्थान में भी पूर्व के 1 वर्षीय- 2 वर्षीय बीएड धारी  युवा इस शिक्षा नीति के अनुसार नौकरी में लगने हेतु अपात्र हो जाएंगे और आयु सीमा से अधिक के हो जाएंगे | 

    

4 वर्षीय इंटीग्रेटेड b.ed क्यों जरुरी और इसका फ़ायदा 

यह कोर्स नए स्कूल ढांचे के चार चरणों फाउंडेशन प्रिपेयटरी मिडिल सेकेंडरी (5+3+3+4) के लिए शिक्षकों को तैयार करेगा | साथ ही प्री प्राइमरी में पढ़ाने के लिए भी Pre.d.El.Ed के लिए भी शिक्षण संस्थानों में नए कोर्स लाये जाएगी | खास बात यह है कि अब ग्रेजुएशन और बी.एड. दोनों डिग्रियां एक साथ ले सकते हैं जैसा कि पूर्व में नहीं था | अभी भी वर्तमान 2-3 वर्षो से intigrated कोर्स सरकार द्वारा चलाये जा रहे है जिस से 2 वर्षीय  बी.एड. करने वालो को संख्या धीरे धीरे कम होती जा रही है और नहीं के बराबर है | वर्तमान में बड़ते compitition और कोचिंग से cut off बहुत ज्यादा जा रही है जिससे नोकरी पाना मुश्किल होता जा रहा है एसे में सरकार द्वारा ये नया कोर्स लाने से नए बेरोजगार युवाओ के लिए भविष्य में compitition कम भी हो सकता है क्योंकि राजस्थान सरकार ने सत्र 2022 -23 में 10000 विद्यालय क्रमोन्नत किये है तो भविष्य बड़ी भर्ती निकलेगी ही |

 

NEP 2020 की प्रमुख बातें


राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की घोषणा 29.07.2020 को की गई है। एनईपी 2020-21 के अनुसार शिक्षण चयन प्रक्रिया शिक्षक भर्ती के संबंध में NEP 2020 की प्रमुख बातें नीचे दी गई हैं:

1-शिक्षक की भर्ती करते समय संबंधित विषयों में रीट या एनटीए परीक्षा के अंक।
2-बोर्ड विशेष मेरिट-आधारित छात्रवृत्ति जारी करेगा, जिसमें उनके बीएड के सफल समापन पर उनके स्थानीय क्षेत्रों में अधिमान्य रोजगार भी शामिल होगा। 
3-स्थानीय भाषा में शिक्षक की प्रदर्शन क्षमता और प्रवीणता की भी जाँच की जाएगी ताकि प्रत्येक स्कूल/स्कूल परिसर में कम से कम कुछ शिक्षक हों जो छात्रों के साथ स्थानीय भाषा में बातचीत कर सकें।
4-राज्य एक राज्य में आवश्यक शिक्षकों की संख्या का आकलन करने के लिए एक प्रौद्योगिकी आधारित व्यापक शिक्षक-आवश्यकता योजना पूर्वानुमान अभ्यास आयोजित करेगा।
5-प्रत्येक शिक्षक से अपेक्षा की जाएगी कि वह अपने स्वयं के हितों से संचालित, अपने स्वयं के व्यावसायिक विकास के लिए प्रति वर्ष कम से कम 50 घंटे के सतत व्यावसायिक विकास (सीपीडी) अवसरों में भाग लें।
6-शिक्षकों को शिक्षाशास्त्र के पहलुओं को चुनने में अधिक स्वायत्तता दी जाएगी, ताकि वे अपनी कक्षाओं में छात्रों के लिए सबसे प्रभावी तरीके से पढ़ा सकें। 


 

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